IP Address क्या है? What is an IP Address?

Hello Friends ,
हम सभी के लिए अपने घर का Address कितना ज़रूरी है ये हम सभी जानते है , सोचो अगर हमारे पास घर का Address नहीं होता तोह हम कही भटक ते रहते है जी है हम सभी जानते है Address की Importance तोह Friends आज का हमारा TOPIC भी ऐसे ही एक Address के बारे में है तोह आज हम आपको बताएंगे IP Address क्या होता है ? और इसकी Importance (आवश्यकता ) क्या है।

हम सभी ने IP Address का नाम Movie में कई बार सुना होगा , या कई बार Police कोई Cyber Crime हुवा हो तोह वो कहा से हुवा ये सब जानने के लिए IP address का use करते है , हमने बस ये नाम सुना है हम में से कई लोगो को नहीं पता होगा की ये address होता क्या है।

तोह चलिए में आपको बताती हु इस address के द्वारा किस प्रकार आपके Device को Internet से जोड़ा जाता है और ये कैसे काम करता है और इसे कैसे पता करे ।

IP Address का पूरा नाम क्या है ? :- INTERNET PROTOCOL ADDRESS.

IP Address क्या है ?

आसान भाषा में कहु तोह हर Computer जो Internet से जुड़ा हुआ है उसका एक अलग Address होता है जिसे IP Address कहते है Phone हो या कंप्यूटर Device सब के अपने अलग अलग IP address होते है ये एक Communication Device के रूप में काम करता है।

IP address एक 32 bit numeric address होता है ये 4 अंक वाला होता है जो 0 से 255 तक होते है ये एक Identifying Number होता है जिस से एक Device को आसानी से identify किया जा सकता है IP Address के होने से एक Device को Allow करता है दूसरे Device से Communicate करने के लिए और Data Transfer करने के लिए जिस में ये इंटरनेट पोटोकॉल का Use करता है।

IP Address से Router को पता चलता है की उसे ये DATA कहा पहोचाना है बिना IP Address के हम एक Device को दूसरे Device के साथ कनेक्ट नहीं कर सकते है।

IP Address का Format कैसा होता है ?

IP address कुछ ऐसा दीखता है 192 ।168 । 1 ।10

इस में 3 रेंज को Special Motive के लिए रखा होता है 1 address – 0 ।0 । 0 । 0 डिफ़ॉल्ट Network से जुड़ा हुवा है और 2 address – 255 , 255 ,255 ,255 को broadcast address कहा जाता है और लास्ट एड्रेस है 3 address – 192 ,168 ,1 , 10 ये loopback एड्रेस होता है जो आपके machine और Computer को दिखता है ।

IP address का उपयोग क्यों किया जाता है ?

IP address ही आपके Device का नाम होता है और उसके इसी नाम से इंटरनेट की दुनिया में उसे जाना जाता है ये हमारे लिए एक address की तरह काम करता है जिस तरह से हमारे घर , दूकान , स्कूल , ऑफिस , सबका अलग एड्रेस होता है एक Location होती है जहा हम जाते है IP address भी उसी Location की तरह काम करता है।

इस में Computer DNS Server का इस्तेमाल किया जाता है host name को Look up करने के लिए जिस से की Device का IP एड्रेस पाया जा सके । Example – अगर कोई user किसी Website पर enter करता है जैसे की  Technologydaily  की Website ,तब Browser से एक request भेजी जाती है और फिर उस वेबसाइट के page को Load करने के लिएऔर आगे Server अपनी Process करके Details हम तक पहुचाता है।

NOTE – किसी भी कंप्यूटर या Device के 2 IP address हो सकते है 1 – internet Connection के लिए,2 – Local Area network के रूप में किया जाता है  

IP address के प्रकार ( Types of ip address ) –

यहाँ हमने आपको सम्झाया के IP address होता है अब आगे हम बात करेंगे इसके कितने प्रकार है और हर एक IP address का अपना अलग अलग काम होता है
IP address के प्रकार।

  • Private IP address
  • Public IP address
  • Static IP address
  • Dynamic IP address

तोह चलिए एक एक करके इन सभी IP address के बारे में Detail से जानते है।

1 Private IP Address – जब कई या Mobile , Computer या तोह Cable के साथ या wireless Connection से एक दूसरे से जुड़े होते है तब वो एक Private Network बनाते है इसे Network के ” Inside ” में use किया जाता है IP Address का उपयोग यहाँ Device को Router और दूसरे Device के साथ Communicate करने के लिए किया जाता है जिसे Private IP Address कहा जाता है।

2 Public Address –  public IP Address वो होता है जिसे ISP (internet Service provider ) द्वारा दिया जाता है Public IP Address उन सभी devices को दिए जाते है जो Public इंटरनेट से जुड़े होते है इस से आपके Home network को बहार की दुनिया में पहचान मिलती है इस Address से दुनिया भर के Networked Devices के साथ आप Communicate करने का आपको एक रास्ता मिलता है।

Private और Public Address दोनों या तोह Dynamic हो सकते है या Static हो सकते है।

3 Dynamic IP Address – DHSC Server के द्वारा दिए जाने वाले Address को Dynamic Address कहते है ये एक Temporary address होता है इसलिए इसका IP address बदलता रहता है।

4 – Static IP address – ये address कभी बदलता नहीं है या इसे Change नहीं किया जा सकता है।

IP ADDRESS कैसे पता करे ? –

कई बार हमे घर का Address नहीं पता होता तोह हम किसी फ्रेंड या रिलेटिव को Phone करके Address पूछते है और फिर google मैप या किसी और Device की मदद से Address पर पहोच जाते है ऐसे ही हम यहाँ आपको बताएंगे की IP Address कैसे पता कर सकते है।

यहाँ हम आपको बताएंगे अलग अलग Device में आप अपना IP Address कैसे पता कर सकते है।

Windows User = Start button – Control panel – Network and internet – Network and sharing center – Wireless network connection – Details। अब में आपको ये Detail में समझाती हु|।

अपना लोकल Address पता करने के लिए =

STEP 1 –Start Button दबाये उसके बाद Control panel पर जाये।

STEP 2 – अब नेटवर्क और इंटरनेट को Open करे इसके बाद network और Sharing center पर क्लिक करे।

STEP 3 -अब Connection के सामने Wireless Connection के सामने क्लिक करके Detail पर Click करे।

FINAL – इसके अंदर आपको IPv4 address के सामने अपना IP address दिखाई देगा।

Android Device – अपने Android फ़ोन में IP Address देखने के लिए आसान तरीका है आप अपने phone के settings में जाकर वहा About Device जाकर फिर Status पर Click करे यहाँ आपके phone का IP Address लिखा होगा ।

2 – वही दूसरा तरीका है अपने Local IP Address को जानने के लिए

अपने phone के Settings में जाकर WI-FI on करे वहा आप Advance Setting के Option पर आप क्लिक करेंगे तोह आपको कोई details दी होंगी उन मेसे एक detail आपके IP Address की होगी।

iPhone , iPad device – यहाँ आपका IP Address देखने के लिए आपको अपने फ़ोन के Settings में जाना होगा उसके बाद WIFI on करके वहा Network को Select करना होगा और बाद में Active Network को Select करना होगा आगे आपको tap करना होगा small “i ” button जो की Network जिससे आप Connected हो उसके Next में होता है।
Settings – Select Wifi – Select Active WIFI network – click i Button

Linux user – आपको अपने System में एक Terminal window launch करना होगा फिर Enter करे Command Hostname – ifconfig या IP Address Show होता है।

maCos – यहाँ IP Address पता करने के लिए आप ये Step Follow करे।
Click apple icon – Select system preference – click network – select your connection।

Public IP Address पता करने के लिए  – Google में जाकर आप type करे What is My IP Address । इससे भी आपको अपना IP Address Show होगा।

यहाँ हमने आपको सारे तरीके बताये है जिससे आप अपना IP Address आसानी से पता कर सकते है।

IP Address के संस्करण ( IP Address Version ) –

IP Address के 2 Version होते है।
1 – IPv4
2 – IPv6

IPv4 पुराना Version है वही IPv6 एक Upgraded version है।

IPv4 –  IPv4 एक Connection Less Protocol है जिस का उपयोग पॉकेट स्विच नेटवर्क में किया जाता है ये best effort डिलीवरी मॉडल के आधार पर काम करता हैयह संस्करण Internet Engineering Task Force (IETF) द्वारा बनाया और RFC 791 में प्रकाशित है।
IPv4 internet संचार (Ethernet Communication) के लिए Five classes (Class A से Class E तक) में 32-bit address scheme का उपयोग करता है।

IPv6 –  IPv4 की कमियों को पूरा करने के लिए IPv6 बनाया गया है इसे internet protocol next generation भी कहा जाता है ये एक नेटवर्क Layer protocol है जो packet-switched किये गए network पर data communication को सक्षम करता है. पैकेट switching में नेटवर्क में दो nodes के बीच data send और received करना शामिल है।

Features ऑफ़ IPv4 और IPv6

IPv4 –
  • IPv4 एक 32  bit IP address है।
  • ये IP address की पांच क्लास देता है Class A, Class B, Class C,
    Class D और Class E
  • इस में 4 billion IP address स्टोर करने की क्षमता है।
  • यहाँ IP Address को तीन अलग अलग (unicast, broadcast और multicast) भागो में बांटा जाता है।
  • मैन्युअल और DHCP कॉन्फ़िगरेशन को Support करता है।
  • एक संख्यात्मक (numeric address) है, इसके binary bits को
    dot(.) द्वारा अलग किया जाता है।
  • किसी नयी system के साथ संचार करने से पहले एक नई स्थापित प्रणाली को configure करना होता है।
  • इस में NAT ( network Address translation ) का उपयोग करके एकल NAT Address की permission देता है।
IPv6
  • IPv6 एक 128 bit IP address है।
  • यह unlimited numbers में IP address को स्टोर करने की सुविधा देता है।
  • इसमे लगभग 340 undecillion IP Address स्टोर किये जा सकते है।
  • तीन तरह के IP Address unicast, multicast और anycast होते है।
  • ऑटो-कॉन्फ़िगरेशन और रिनम्बरिंग का समर्थन करता है।
  • ये Alphanumeric address है, जिसके binary bits को एक colons(:)द्वारा अलग किया जाता है. इसमे hexadecimal भी शामिल है।
  • Configuration optional होता है, जो आवश्यक कार्यो पर निर्भर करता है।
  • अपने अधिक address space के कारण यह direct addressing की सुविधा देता है।

IPv6 – IPv4 से बेहतर क्यों है ?

  1. IPv6 का हेडर IPv4 के हेडर से केवल दोगुना ही बड़ा है जबकि इसका एड्रेस उस से चार गुना बड़ा है।
  2. इस में NAT ( network Address translation ) करने की ज़रूरत नहीं है।
  3. सरल Administration होना (DHPC ) ज़रूरत नहीं।
  4. IPv4 ऑपरेशन के लिए केवल 40 बिट देते हैं वहीं IPv6 में Option बड़े होते हैं जितना कि Pocket की Size।
    flexible option और extension।
  5.  इस में end to end technology उपयोग की जा सकती है।
  6. मैसेज ट्रांसमिशन scheme मल्टीकास्टिंग और एनीकास्टिंग होती है।

IP Address Classes ?

IP Address के काम के आधार पर उसको अलग अलग भाग में बाटा गया है।

IPv4 Address मे IP रेंज के लिए पाच Classes हैं: Class A, Class B, Class C, Class D , सामान्य तोर पर class A , B , C ही उपयोग किया जाता है।

class A – इस IP Address की Range -1.0.0 1 से लेकर 120.134.254.255 होती है.ये बोहोत बड़ा network है जो बोहोत से डिवाइस से भरा हुवा रहता है।

class B – इस IP Address की Range – 128.1.0.1 से लेकर 191.255.255.254 तक होती है. और ये Medium Size के नेटवर्क को Support करता है।

class C – इस IP Address की Range – 193.0.1.1 से लेकर 223.255.254.254 तक होती है. ये छोटा network होता है जिसमें 256 से कम डिवाइस होते हैं।

class D – इस IP Address की Range – 229.0.0.0 से लेकर 239.255.255.255 के बीच होती है. जो Multicast Group के लिए आरक्षित ( Reserve ) होता है।

class E –इस IP Address की Range – 240.0.0.1 से लेकर 254.255.255.254 तक होती है. इस पर अभी काम जारी है ये भविष्य में उपयोग में आने वाली                टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मेरे अंतिम शब्द ( conclusion ) –

इस article में मैनी आपको IP Address से जुडी सारी जानकारी देने की कोशिश की है जैसे की IP Address क्या है इसके TYPE कितने है कोनसा बेहतर version है। अगर आपको पोस्ट से related कोई Question है तोह आप Comment Box में हमे बता सकते है तथा आपके पास अधिक जानकारी है या कुछ गलत लिख दिया गया है तोह भी आप हमे बता सकते है।

आपके Suggestion हमारे लिए बोहोत महत्वापूर्ण है अगर आपको हमारे आर्टिकल योग्य लगे है तोह Comment और Share ज़रूर करे।

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